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Samachar Patra Hindi Essay

आज हमारे दैनिक जीवन में समाचार पत्र (Newspapers) एक महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं । सुबह की चाय के साथ समाचार पत्र पढ़ना अलग ही आनंद देता है । देश-विदेश की ख़बरें समाचार पत्रों में छपी होती हैं ।

समाचार पत्रों के अनेक लाभ हैं ।

देश विदेश की दशा का ज्ञान समाचार पत्रों के माध्यम से पता लगता है । इससे लोगों के ज्ञान में वृद्धि होती है । विभिन्न सरकारी नीतियों और योजनाओं की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से होती है । खेलकूद, संस्कृति, सिनेमा, राजनीती सम्बंधी समाचार इन समाचार पत्रों में छपते हैं ।

इससे व्यक्तित्व और चरित्र का विकास होता है । समाचार पत्र पढ़ने से हमारी भाषा और विचार प्रकट करने की क्षमता का विकास होता है । समाचार पत्रों की कुछ हानियां भी हैं । समाचार पत्र समाज को बहुत प्रभावित करते हैं । अतः यदि असत्य समाचार देने लगें, समाचारों को तोड़-मरोड़ कर छापकर जनता को बहका सकते हैं ।

Disadvantages of Newspapers

कई बार समाचार पत्र प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर उनके गलत कामों को छुपा देते हैं । आजकल कुछ समाचार पत्र अश्शीलता को भी बढ़ावा दे रहे हैं, जो समाज को चारित्रिक पतन की ओर ले जा रही हैं । समाचार पत्र अपनी थोड़ी सी भूल से समाज का भारी अहित कर सकते हैं । अतः समाचार पत्रों को अपने कर्त्तव्य के प्रति सजग रहना चाहिए ।

समाचार पत्र पर निबन्ध | Essay for Kids on Newspaper in Hindi!

1. भूमिका:

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी (A Social Being) है क्योंकि उसमें बुद्धि और ज्ञान है । जितना ज्ञान मनुष्य में रहता है, वह उससे और अधिकपाना चाहता है औ रइसके लिए तरह-तरह के साधनों (Means) का आविष्कार (Invention Discovery) करता रहता है । संसार भर की घटनाओं (Incidents) के बारे में ताजा जानकारी (Fresh information) पाने का ऐसा ही एक साधन है समाचार-पत्र ।

आज सूचना और जानकारी पाने के अनेक साधनों का आविष्कार हो चुका है जैसे रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल टेलीफोन, इन्टरनेट द्वारा ई-मेल, वेबसाइट इत्यादि । किन्तु आज भी समाचार पत्रों का अपना एक अलग स्थान है ।

2. विकास:

प्राचीन काल (Ancient times) में समाचार पाने और भेजने के साधन थे – कबूतर, घोड़ा, बाज (Hawk) तथा संदेशवाहक (Messenger) आदि । भ्रमणकारी (Travellers), पंडित तथा फकीर आदि भी संदेश (Message) लाने-ले जाने का काम करते थे ।

देवताओं के संदेशवाहक नारद के बारे में तो सबने सुना होगा । वे तीनों लोकों में घूमते रहते थे और एक स्थान का समाचार दूसरे स्थान के लोगों को देते थे । आज के नारद हैं समाचार-पत्र । छापाखाना (Press) के आविष्कार के बाद समाचार पत्र छपने लगे । मुगलों के जमाने में भारत का पहला अखबार (Newspaper) निकला ‘अखबार इ मुअल्ले’ जो हाथ से लिखा जाता था ।

अंग्रेजों के समय में सन् 1780 में कलकत्ता से ‘इंडियन गजट’ नाम का समाचार पत्र निकला । इससे पहले हॉलैंड में 1526 में ही समाचार-पत्र निकलना शुरू हो गया था । हिन्दी का पहला पत्र ‘उदन्त मार्तंड’ था, जो सन् 1826 में कोलकाता में निकला था ।

आज दुनिया की सभी भाषाओं में समाचार-पत्र निकलते हैं । हिन्दी में दैनिक हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता आदि प्रमुख समाचार पत्र आज-कल प्रकाशित हो रहे हैं । समाचार पत्र पी.टी.आई, भाषा, यू.एन.आई. यूनी.वार्ता, ए.ए.फपी, रॉयटर आदि एजेंसियों से टेलीप्रिंटरों और फैक्स के द्वारा समाचार तथा तस्वीरें प्राप्त करते हैं जिसके लिए अनेक संवाददाता (Correspondants ; News Reports) संसार के अनेक कठिन स्थानों पर पहुँचते रहते हैं और घर बैठे हमें सभी जगहों का समाचार मिल जाता है ।

3. लाभ-हानी:

समाचार पत्रों से हमें कहानियाँ चुटकले, लेख आदि अनेक प्रकार की चीजें पढ़ने को मिल जाती हैं । वे हमें सरकारों के बारे में बताते हैं और सरकारों (Governments) को हमारे बारे में । समाचार पत्र यदि कोई गलत समाचार प्रकाशित कर दें या गलत विचार फैला दें तो इससे समाज की बड़ी हानि हो सकती है । व्यापार के लिए ये वरदान (Boon) या अभिशाप (Bane) साबित हो सकते हैं ।

4. उपसंहार:

समाचार पत्र हमारे जीवन की एक जरूरी आवश्यकता (Essential Need) बन चुके हैं । इसके बिना हमारा काम नहीं चल सकता । समाचार पत्र राजा को रैक बना सकता है और रैक को राजा बना सकता है ।

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